Sunday, October 3, 2010

अब आलोचना छोडो और देखो राष्ट्रमंडल खेलों के तैयार मैदानों को


जगमग करती इमारत  
और सामने खड़े
पूरे देश के स्वाभिमान दद्दा ध्यान चंद

आहा कितना सुन्दर कितना प्यारा
तीन लोक में सबसे न्यारा

यहाँ पहलवान करेंगे जोर अजमाइश

तैराकों का यहाँ होगा मुकाबला

यहाँ होगी दौड़ भाग  की प्रतियोगिताएं.
एक और नज़र डालो इस सुन्दर मैदान पर

बड़ी मेहनत से सजाया गया है ऐसे मैदानों को

यह देखो वास्तु कला का अनुपम नमूना

यहाँ खेला जाएगा चिड़िया बल्ला
यहाँ होनी है टेनिस की जंग
वाह क्या सीन है

अति सुन्दर
यहाँ खेला जाएगा चिड़िया बल्ला


अभी तक इन खेलों की तैयारी को लेकर जितनी बहस, आलोचना हुई वो अलग बात है पर अब जो अच्छा हो गया है उसके लिएय आभार प्रकट करें. और सकारात्मक भाव से इस आयोजन की सफलता की कमाना करें.

11 comments:

Vivek Rastogi said...

अभी यही देख रहे हैं, उद्घाटन समारोह :)

निर्मला कपिला said...

बहुत सुन्दर तस्वीरें हैं । क्या ये अपने देश मै ही है? यकीन नही हो रहा। पता नही लोग केवल गलतियाँ ही क्यों निकालते हैं अभी तक किसी ने इतने बडे आयोजन की किसी बात की तारीफ क्यों नही की। लेकिन मै करती हूँ। मेरा भारत महान। धन्यवाद।

संगीता पुरी said...

वाह .. क्‍या तस्‍वीरें हैं !!

राज भाटिय़ा said...

बहुत सुंदर लगे सभी चित्र जी, क्या इस खेल को हम लाईफ़ भी नेट पर देख सकते हे ? तो केसे? अगर पता हो तो जरुर बताये

anitakumar said...

अभी यही देख रहे हैं, उद्घाटन समारोह :)

संगीता पुरी said...

बहुत सुंदर प्रस्‍तुति .. आपके इस पोस्‍ट की चर्चा ब्‍लॉग 4 वार्ता में की गयी है !!

shikha varshney said...

जी देखा कल ...मजा आ गया.

Dr. Amar Jyoti said...

सुन्दर चित्रों के लिये आभार।

beenasharma said...

dekh kar man khush ho gaya kahaan se kaid kiye itane sundar chitra achchhe lage|

शरद कोकास said...

इसे देखकर ही मुग्ध हैं

rukmini shyam said...

Tasweerein bahut shaandaar Hain, Khel bhi bahut shaandaar rahe. Itni khoobsoorat tasweeron ke liye saadhuvaad !