Saturday, January 24, 2009

सत्यम शिवम् सुन्दरम - राजू गंदा अच्छे हैं हम

राजू का ताश के पत्तो का साम्राज्य ढह रहा है और बाकी सभी खिलाड़ी अपने मन में खुश हो रहे हैं कि माना तो उसी ने है - सो चोर भी केवल बही सावित हुआ. हम उन आँख के अंधे निदेशक बोर्ड के सदस्यों को क्या कहेंगी जिन्होंने कभी बैलेंस शीट पढने की जेहमत नहीं की. कौन मानेगा इस बात को. पब्लिक लिमिटेड कंपनी हर ३ माह मे अपनी बैलेंस शीट अखवार मे छपती है. और उस पर चर्चा होती है. लेकिन उन सबको लगा जैसे कि राजू भैया के पास कोई जादू है जो वो लाभ तेजी से बढा रहे है और शेयर की कीमत भी उस जादू से उपर जा रही है. तो उस लोभी निदेशक मंडल को राजू ने क्यों अपने बयान मे तमाम जिम्मेदारी से मुक्त किया इसकी जांच होनी चाहिए. कंपनी के औडिटर तो शक के घेरे मे नहीं पूरी तरह दोषी है ही उन बैंको के बारे मे क्या जिन्होंने गलत प्रमाण-पत्र दिए. म्यूचुअल फंड के रिसर्च विभाग मे क्या हो रहा था? क्या उन्हें उद्योग की प्रगति पर शक नहीं करना चाहिए था ? और अब क्या अकेली सत्यम मे गड़बड़ है शायद समंदर के पाने मे ही कुछ गड़बड़ है. समूचे वाणिज्य जगत को इस पर पारदर्शक मंथन करना पडेगा.

10 comments:

Anonymous said...

Kya baat hai Hari bhai. Sach kaha hai.
Kutte wali baat bahut achche se samajh aa gayee. Danny kutte ka nirdheshan to mazedar hai hi, saath hi Anil kutte, Sahabana 'kutia' and Irfan kutte ki acting ka to kahan hi kya. I am sure, I WILL NOT see this kutta movie.
--Ek Insaan - Himanshu

islamicwebdunia said...

हरी भाई
आपके विचार जाने
अच्छा लगा

प्रकाश बादल said...

इस हमाम में कई नंगे निकलेंगे भाई। अब पकड़ा गया राजू अकेला।

संगीता पुरी said...

बहुत सुंदर...आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है.....आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे .....हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

दिगम्बर नासवा said...

सुंदर विचार............पर करेगा कौन
जांच बैठेगी............फ़िर वही सब ढाक के तीन पात

HARI SHARMA said...

sangeeta puri jee aur sabhee ka blog per aane ke liye abhaar.

अनिल कान्त : said...

अच्छा लेख है ...आपका और आपके नए ब्लॉग का स्वागत है .....लिखते रहें ......

अनिल कान्त
मेरी कलम - मेरी अभिव्यक्ति

आनंदकृष्ण said...

आज आपका ब्लॉग देखा.... बहुत अच्छा लगा. मेरी कामना है की आपके शब्दों को और भी नए रूप, नयी अनुभूतियाँ और व्यापक अर्थ मिलें जिससे वे जन-सरोकारों की आकाक्षाओं के अनुरूप हों और अभिव्यक्ति का माध्यम बनें.....
कभी समय निकाल कर मेरे ब्लॉग पर भी तशरीफ़ लायें..-

http://www.hindi-nikash.blogspot.com

सादर-
आनंदकृष्ण, जबलपुर

ARVI'nd said...

sahi kahaa aapne....aapse sahmat hu hai.....magar ham kya kar sakte hai ye, hamari kya koshish honi chahiye,,,,,,khaskar ham yuvao ke liye..agle post ka inzaar rahega...jab aap buraaiyo ko khilaaf likhenge aur ek sandesh yah bhi hoga ki ham yuvao ko us paristhiti ke anukul kya karna chahiye...kyoki ham yuvao ko aaplogo ke margdarsham ki jarurat hai.....

Anonymous said...

आपको हमारी शुभकामनाएं