आ रहे हैं आप
बुला रहे हैं हम
धूप डिगा पाएगी
क्या हमारे कदम ?
या अब बहाना कोई
नया बनायेंगे हम।
मानस में है भरपूर
विचारों की खजूर
खूब खाइये और
लुटाइये पोस्टों और
टिप्पणियों में जरूर।
टूट जाएं
छूट जाएं
मन के सारे
गरूर
प्यार में मिलें सब ऐसे
सारी दूरियां हो जाएं दूर।












